प्रस्तुत अध्ययन बी.एड. महाविद्यालयों के छात्र/छात्राओं की पर्यावरणीय जागरूकता पर तुलनात्मक अध्ययन किया गया । अध्ययन के अंतर्गत 40 छात्र एवं 40 छात्राओं का चयन किया गया । सर्वेक्षण विधि स्वनिर्मित प्रष्नावली का उपयोग करते हुए उपर्युक्त दोनों समूह का पर्यावरण जागरूकता का मापन किया गया । अध्ययन से प्राप्त परिणामों से स्पष्ट होता है कि कला समूह एवं विज्ञान समूह छात्रों में पर्यावरणीय जागरूकता में...
आधुनिकविकासकाप्रतीकबनकरआईऔद्योगिकक्रांतिके घातकपहलुओं के बारेमेंबहुत कम लोगोंका ध्यानजापायाहैजानेकितनेलोगऔद्योगिकप्रदुषण के कारणतिल-तिलकरमरतेहैं।दिनांदिनप्रदुषितहोतेपर्यावरण के कारणसंक्रामकबीमारियाँ न सिर्फभारतमेंअपितुविश्व के अधिकांशदेशोंमें बढ़तीजारहीहै।भारतहीनहींसम्पणर््ूाविश्वमेंबीमारियोंका खतराहरदिन बढ़ रहाहै।
जल को बचाए रखना सभी की चिन्ता का विषय है, वैज्ञानिक राजनेता, बुद्धिजीवी, रचनाकार सभी की चिन्ता है, जल कैसे बचे ? दुनियाँ को अर्थात पृथ्वी को वृक्षों को, जंगलो को, पहाड़ों को, हवा को, पानी को बचाना है। पानी को बचाया जाना बहुत जरूरी है। पृथ्वी बच सकती है, वृक्ष जंगल, पहाड़ और मनुष्य, पषु, पक्षी सब बच सकते है, यदि पानी को बचा लिया गया और पानी पृथ्वी पर है ही कितना? पृथ्वी पर उपलब्ध सारे पानी का 97ण्4ः...
मन और उससे जुड़ा मस्तिष्क जिस प्रकार हमारे भौगोलिक पर्यावरण को देखकर उस पर आसक्त होता है और शरीर को अच्छे स्वच्छ पर्यावरण का साथ मानव मन को सुख शान्ति की ओर ले जाता है।
भारतीय संगीत में विभिन्न राग-रागनियों का ध्यान पर्यावरण के साथ घनिष्ठ सम्बन्ध है। ऐसा सर्वविदित है कि एक अच्छा सोच, अच्छे विचार, अच्छा संगीत आदि सभी अच्छे पर्यावरण का निर्माण करते हैं।
नदी का बहना, वायु का प्रवाहमान होना, वृक्षों...
विष्व स्वास्थ संगठन की ताजा रिपोर्ट के अनुसार भारत में प्रतिवर्ष 7 लाख 83 हजार लोग प्रदूषित जल की वजह से मरते है। जनता को साफ पानी पहुचाना भारत सरकार की मुख्य चुनौति है। अतः प्रस्तुत अध्ययन में यह जानने का प्रयास किया गया है कि पेयजल प्रदुषण क्यों होता है घ् इस प्रदूषित जल से किस प्रकार की बीमारियाँ उत्पन्न होती है घ् इसके नकारात्मक प्रभाव एवं शुध्द पेयजल उपचार को जानने का प्रयास किया गया है।...