विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन की बात लम्बे समय से चली आ रही है, लेकिन विकास चक्र के चलते कहीं न कहीं पर्यावरण की अनदेखी होती आ रही है और ऐसी स्थितियाँ आज हमारे सामने चुनौती एवं सकंट के रूप में है। अनेक संकल्प, वादे, नीतियाँ और कार्यक्रम आदि के क्रियान्वयन के बावजूद भी पर्यावरण चुनौतियाँ हमारे सामने है। मौसम में बहुत अधिक उतार-चढ़ाव हो रहे है, अधिक बरसात या सूखा पड़ना संयोग नहीं बल्कि पर्यावरण...
जैव विविधता हमारे लिए बहुत महत्त्वपूर्ण है। ये हमारे जीवन के अभिन्न अंग हैं। अभी तक लगभग 1.75 मिलियन प्रजातियों की पहचान हो चुकी है। हालाँकि वैज्ञानिकों का मानना है कि हमारे ग्रह पर लगभग 13 मिलियन प्रजातियाँ हैं। विभिन्न प्रजातियों की उपस्थिति ने मानव के लिए इस ग्रह को आवास योग्य बनाने में मदद की है। इनके बिना हम अपने जीवन की कल्पना नहंी कर सकते। जैव विविधता हमारे जीवन के लिए आवश्यक कई वस्तुएँ एवं...
भारतीय अर्थव्यवस्था की आधारशिला कृषि है। कृषि एवं जलवायु परिवर्तन का सबसे ज्यादा प्रतिकूल प्रभाव कमजोर कृषक पर पड़ रहा है। वर्षा की मात्रा में परिवर्तन होने से फसलों की उत्पादकता पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। जलवायु में होने वाला परिवर्तन हमारी राष्ट्रीय आय को भी प्रभावित कर रहा है। देश के बहुत से भागों में अल्प वर्षा से फसलें सूख जाती है या अति-वृष्टि से बह जाती है जिससे न केवल खाद्यानों का...
It is physically impossible for the miniscule gas, Carbon Dioxide with an Atomic Weight of 44, to influence the Earth’s orbital position in space.
The knowledge of magnetism has always been a wonder of the ancient world ever since it was realized that a lodestone pointed in the same direction. In modern times, particularly since 2014 when NASA determined that the face of the Moon has a...
Women play a central part in the provision, management and safeguarding of water. This pivotal role of women as providers and users of water and guardians of the living environment has seldom been reflected in institutional arrangements for the development and management of water resources. Acceptance and implementation of this principle requires positive policies to address women's specific needs...