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A STUDY OF INSTRUMENT-RELATED ILLUSTRATIONS ON BOOK COVERS BY CONTEMPORARY ARTIST SANDEEP RASHINKAR

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A STUDY OF INSTRUMENT-RELATED ILLUSTRATIONS ON BOOK COVERS BY CONTEMPORARY ARTIST SANDEEP RASHINKAR

समकालीन कलाकार संदीप राशिनकर द्वारा पुस्तक मुख पृष्ठ पर अंकित वाद्य सम्बंधित चित्रांकन का अध्ययन

 

Bhagyashree Kulkarni 1*, Dr. Kumkum Bhardwaj 2Icon

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1 Research Scholar, Maharani Lakshmibai Government P.G. College, Kila Maidan, Indore, India

2 Head of Department, Maharani Lakshmibai Government P.G. College, Kila Maidan, Indore, India     

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ABSTRACT

English: Illustration, drawing, painting, photography, or the presentation of art in various forms represents a mode of visual expression rooted in human perception. It is created to provide a graphic and visual representation that clearly interprets or defines sensory information.

Contemporary artist Sandeep Rashinkar has created numerous artworks, including book cover illustrations. A book cover is a distinct art form in which the artist visually represents the story, theme, and emotions of a book through imagery on its cover. This not only attracts readers’ attention but also enables them to intuitively sense the underlying message and essence of the book. The book cover establishes the identity of the book and gives unified form to the ideas of both the artist and the author.

The artist has illustrated book covers on a variety of themes such as education, work, dance, music, and women. In particular, he has beautifully depicted musical instruments in several cover illustrations related to music. The primary objective of this research paper is to conduct an artistic study of instrument-related illustrations depicted on book covers. For this research work, the personal interview method has been employed.

 

Hindi: चित्रांकन, रेखांकन, चित्रकारी, छायाचित्र या कला को अन्य कार्यो के रूप में प्रस्तुत करना मानस दर्शन का एक रूप है, जिसे ग्राफिक रूप से दृश्य प्रस्तुति देकर ऐन्द्रिक जानकारी की स्पष्ट व्याख्या करने या निर्धारित करने के लिए बनाया जाता है।

 समकालीन कलाकार संदीप राशिनकर द्वारा कई चित्र अंकित किये गए है, जिनमे पुस्तक मुख पृष्ठ चित्रांकन भी शामिल है। पुस्तक मुख पृष्ठ एक प्रकार की कला है, जिसे कलाकार किसी पुस्तक की कहानी, विषय और भावनाओं को अपने चित्रों द्वारा पुस्तक के मुख पृष्ठ पर दर्शाता है, जिससे पाठको का ध्यान पुस्तक की ओर आकर्षित हो और वे किताब के भीतर के व्यंग को स्वयं महसूस कर सके। पुस्तक मुख पृष्ठ, किताब की पहचान कराता है और कलाकार एवं लेखक के विचारो को एक रूप प्रदान करता है।

 कलाकार द्वारा पुस्तक मुख पृष्ठ पर अनेक विषयों का प्रयोग कर चित्रांकन किया गया है जिनमे शिक्षा, कार्य , नृत्य, संगीत, नारी आदि से सम्बंधित विषयों पर चित्रांकन किया गया है। इसी प्रकार कलाकार ने संगीत से सम्बंधित वाद्ययंत्र का प्रयोग कर चित्रांकन का भी अति सुन्दर रूप दर्शाया है। पुस्तक मुख पृष्ठ पर अंकित वाद्य सम्बंधित चित्रांकन को कलात्मक रूप से अध्ययन करना ही इस शोध पत्र का मुख्य उद्देश्य है। इस शोध कार्य हेतु व्यक्तिगत साक्षात्कार पद्धति का प्रयोग किया गया है।

 

Keywords: Book Cover, Illustration, Musical Instrument, Drawing, Music, पुस्तक मुख पृष्ठ, चित्रांकन, वाद्य, रेखांकन, संगीत

 


प्रस्तावना

समकालीन कलाकार संदीप राशिनकर द्वारा कई चित्र अंकित किये गए है, जिनमे पुस्तक मुख पृष्ठ चित्रांकन भी शामिल हैसंदीप राशिनकर द्वारा पुस्तक मुख पृष्ठ पर अनेक विषयों का प्रयोग कर चित्रांकन किया गया है जिनमे शिक्षा, कार्य, नृत्य, संगीत, नारी सम्बंधित एवं अन्य विषयो पर चित्रांकन किया गया हैइसी प्रकार कलाकार ने संगीत से सम्बंधित वाद्य का प्रयोग कर चित्रांकन का भी अति सुन्दर रूप दर्शाया है

 

समकालीन कलाकार संदीप राशिनकर जी का संक्षिप्त परिचय

कलाकार संदीप राशिनकर जी इंदौर के सुविख्यात कलाकार हैवें लेखक एवं समीक्षक भी हैइन्होने कई अखिल भारतीय कला प्रदर्शनियों में चित्रों का चयन एवं प्रदर्शन किया हैइनके चित्रण एवं रेखांकन अनेक साहित्य एवं पुस्तकों में प्रदर्शित किये गए हैकलाकार के मुखपृष्ठ रेखांकन कार्य को विभिन्न स्तरों पर विशेष रूप से सराहा गया है

 

पुस्तक मुख पृष्ठ चित्रांकन क्या है?

चित्रांकन, रेखांकन, चित्रकारी, छायाचित्र या कला का अन्य कार्यो के रूप में प्रस्तुत प्रदर्शित मनःदर्शन का एक रूप है, जिसे ग्राफिक रूप से दृश्य प्रस्तुति देकर ऐन्द्रिक जानकारी की स्पष्ट व्याख्या करने या निर्धारित करने के लिए बनाया जाना है|

पुस्तक मुख पृष्ठ एक प्रकार की कला है, जिसे कलाकार किसी पुस्तक की कहानी, विषय और भावनाओं को अपने चित्रों द्वारा पुस्तक के मुख पृष्ठ पर दर्शाता है, जिससे पाठको का ध्यान पुस्तक की ओर आकर्षित हो और वे किताब के भीतरव्यंग को स्वयं महसूस कर सकेपुस्तक मुख पृष्ठ  किताब की पहचान कराता है और कलाकार एवं लेखक के विचारो को एक रूप प्रदम करता है

 

वाद्य क्या है?

वाद्य वह उपकरण है, जो ध्वनि उत्पन्न करने हेतु प्रयोग किया जाता है, विशेष रूप से इसका उपयोग संगीत के लिए किया जाता हैयह शब्द संगीत के सन्दर्भ में अधिक उपयोग किया जाता है| यह एक यंत्र है जिसे बजाया जा सके

 

वाद्य के प्रकार

·        तत वाद्य (तार वाले वाद्य)- वीणा, सितार, सरोद और वायलिन। 

·        सुषिर वाद्य (वायु वाद्य)- हवा फूंकने या वायु के प्रवाह से बजने वाले यन्त्र - बांसुरी, शहनाई, हारमोनियम, शंख, बीन। 

·        अवनद्ध वाद्य (ताल वाद्य/झिल्ली वाद्य)- चमड़े या झिल्ली पर आघात करने से बजते हैं. तबला, ढोल, नगाड़ा, मृदंग। 

·        घन वाद्य (ठोस वाद्य)- ठोस धातु या लकड़ी के आपस में टकराने या आघात से बजते हैं. मंजीरा, करताल, खड़ताल, घंट

 

मुख पृष्ठ चित्रांकन में वाद्ययंत्रो का प्रयोग 

कलाकार संदीप राशिनकर ने पुस्तक मुख पृष्ठ चित्रांकन में वाद्यों का बहुत ही सुन्दर प्रयोग कर चित्रांकन किया हैकलाकार ने अपने चित्रों में कहीं सितार दर्शाई है तो कहीं तबले को अंकित किया है, कही बांसुरी सा प्रदर्शित होता वृक्ष है तो कहीं वीणा वादन करते हुए सरस्वती देवी के दर्शन होते है

कलाकार द्वारा आरोही नामक पुस्तक के मुख पृष्ठ पर तबला, हारमोनियम, सितार जैसे वाद्यों का प्रयोग कर चित्रांकन किया गया है

आरोही - डॉ शशिकांतताम्बे

इसी प्रकार साहित्य सागर नामक पुस्तक के मुख पृष्ठ पर वीणा बजाती स्त्री दर्शाई गयी हैवही सरस्वती सुमन में वीणा के साथ मोर के पंखो को दर्शाया गया है

साहित्य सागर - महिला मंजरी

 

सरस्वती सुमन - साहित्य एवं सांस्कृतिक

 

कलाकार ने पुस्तक के शीर्षक को ही उस पुस्तक का चेहरा देने का प्रयास किया हैजैसे वीणा नामक पुस्तक के मुख पृष्ठ पर वीणा का चित्र कहींकहीं उपस्थित हैकही सरस्वती द्वारा वीणा वादन किया है तो कहीं स्त्री द्वारा या मोर का प्रयोग कर वीणा का चित्रण किया है

वीणा

वीणा

 

कलाकार ने सरस्वती सुमन नामक पुस्तक के मुख पृष्ठ पर बांसुरी वादन का चित्रण भी किया है इस चित्र को कलाकार ने एक वृक्ष की शाखा को बांसुरी की तरह दर्शाया है जिसे देख कर ऐसा प्रतीत होता है जैसे वृक्ष का तना बांसुरी के सामान है और उस वृक्ष की शाखाएं उस बांसुरी को बजा रही हो

सरस्वती सुमन साहित्य एवं संस्कृति का सारस्वत अभियान

 

वीणा

 

कलाकार ने मुखपृष्ठ में विभिन्न माध्यम जैसे जल रंग, पेस्टल, पेंसिल एवं एक्रेलिक का प्रयोग किया है  उन्होंने रंगो का चयन पुस्तक के विषय के आधार पर किया है जैसे सरस्वती सुमन के मुख पृष्ठ में प्रकृति के रंगो को प्रदर्शित करने के लिए हरा एवं उससे सम्बंधित रंगो का उपयोग किया है  कलाकार ने आकृतियों का अमूर्त रूप मुखपृष्ठ में प्रस्तुत किया है

 

उपसंहार 

इस शोधपत्र मे मुखपृष्ट रेखांकन कला पर प्रकाश डाला गया है  जब भी किसी पुस्तक के सन्दर्भ मे चर्चा की जाती है उसमे मुखपृष्ट के महत्व को इतनी प्राथमिकता से उल्लेखित नहीं किया जातायह शोधपत्र उसी क्षेत्र पर प्रकाश डालता है  किसी पुस्तक का मुखपृष्ट उस पुस्तक मे उपस्थित विषयो का एक प्रतीकात्मक चित्रीकरण होता हैमुखपृष्ट पाठक के मन मे पुस्तक के प्रति जिज्ञासा उत्पन्न करता हैंआज कल के आधुनिक युग मे मुखपृष्ट रेखाँकन कला को सहेजने की आवश्यकता हैइस शोधपत्र के माध्यम से पाठक वर्ग मुखपृष्ट की विभिन्न बारीकियां जैसे वाद्य यंत्रो का अमूर्त चित्रण, रंगो का सही चयन एवं पुस्तक के भावो का मुखपृष्ट द्वारा प्रस्तुतीकरण समझ सकेंगे  यह शोधपत्र इस कला को प्रलेखित करने का एक प्रयास हैभविष्य मे इस कला के विभिन्न आयामों पर शोध संभव है 

  

REFERENCES

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Tambe, S. M. (n.d.). Personal Interview (व्यक्तिगत साक्षात्कार). Aarohi

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