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मुरादाबाद जनपद में पर्यावरणीय निम्नीकरण और उसके प्रभाव

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प्रस्तुत शोध अध्ययन क्षेत्र मुरादाबाद जनपद में पर्यावरण निम्नीकरण और उसके प्र्रभाव का अध्ययन है कि प्रत्येक मनुष्य अपने भविष्य को बेहतर बनाने का निरंतर प्रयास करता है। शायद व्यक्तिगत विकास के स्तर पर तो यह सही है, परन्तु पर्यावरण केस्तर पर मनुष्य की वर्तमान गतिविधियाँ, उसकी संवेदनशीलता की ओर ही इशारा करती है। हमारे आस-पास के वातावरण की वर्तमान बढ़ती समस्याऐं जैसे मृदा के वास्तविक गुणों का ह्नास, वायु असंगठन में अवांछित परिवर्तन, जल प्रदूषकों के स्तर का तेजी से वृद्धि, जैवविविधता का तेजी से ह्नास ,ध्वनि प्रदूषण, असाध्य व स्वास्थ्य रोगों का तेजी से वृद्धि आदि पर्यावरण के साथ-साथ मानव अस्तित्व पर भविष्य संकट की तरह है। इन समस्याओं के मूल में कुछ प्राकृतिक नैतिकता एवु मूल्यों को दिन-प्रतिदिन पीछे छोड़ते जा रहे हैं। प्रकृति संसाधनों में जैसे जल संसाधन, वायु संसाधन, मृदा संसाधन, वनस्पति संसाधन, जीव-जन्तुओं आदि के मूल स्वरूप बदलते जा रहे हैं जिससे मृदा अनुर्वतता, वैश्विक तायन एवं जलवायु एवं प्रकृति आपदाओं में वृद्धि, पेय जल की समस्या आदि जैसी समस्याओं का रूप धारण कर लिया है। शोधार्थी ने अपने अध्ययन क्षेत्र जनपद मुरादाबाद के नगरीकरण का वातावरण पर पड़ने वाले प्रभावों को पर्यावरण के निम्नीकरण एवं उसके प्रभाव के वर्तमान में विकराल समस्याओं में दिखाई पड़ रहा है। पर्यावरण के विभिन्न घटकों पर पड़ने वाले प्रभावों को अल्पकालीन एवं दीर्घकालीन परिणाम को अध्ययन के प्रभावों का मूल्यांकन किया गया है।
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Creator
Publisher
Classification
Date Issued 2020-10-30
Resource Type
Format
Language
Date Of Record Creation 2021-05-09 07:05:49
Date Of Record Release 2021-05-09 07:05:49
Date Last Modified 2021-05-09 07:06:44

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