किसी भी देश की उन्नति का आधार स्वच्छता व स्वास्थ्य है। स्वच्छ पर्यावरण ही किसी भी समुदाय की स्वास्थ्य स्थिति को ऊंचा उठाने में सहायक है। स्वच्छ पर्यावरण समुदाय के लोगों के जीवन स्तर को सुधारने में सहायक हो सकता है। साथ ही वह समुदाय मंे रोगों के चक्र को तोड़ने में भी सक्षम है। सरकार व आम जनता के प्रयास व सहभागिता द्वारा विभिन्न संसाधनों का प्रयोग किया जा रहा है और बेहतर परिणाम हेतु प्रयासरत हंै। इसके द्वारा समुदाय का सामाजिक-आर्थिक विकास, स्वच्छ पर्यावरण हेतु संबंधित सांस्कृतिक कारक, समुदाय की क्षमता, व्यवहार, कानून आदि का उपयोग बेहतर तरीके से हो रहा है।
भारत देश सम्पूर्ण में स्वच्छ पर्यावरण के स्तर में बहुत ही पीछे है। अस्वच्छता ने आज भी भारत को अपने घेरे में जकड़ लिया है, जिसमें से बाहर निकलने के लिए भारत को स्वच्छता व स्वास्थ्य के मुद्दें पर एकजुट होकर काम करने व विभिन्न रणनीतियों व कार्यक्रमों को क्रियान्वित करने की आवश्यकता है, जिससे लक्ष्यों को जमीनी स्तर पर सफलतापूर्वक प्राप्त किया जा सके। अस्वच्छता के कुचक्र से बाहर निकलने के लिए केन्द्र व राज्य स्तर पर विभिन्न प्रकार की रणनीतियां बनायी जा रही है। स्वच्छ पर्यावरण ही समुदाय को विभिन्न रोगों के चक्र को तोड़ने में सक्षम है।
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