मनुष्य का जीवन पर्यावरण से प्रभावितहोताहै।स्वस्थ एवंस्वच्छपर्यावरणमानव जीवन काआधारहैं । इसीलिए पर्यावरणकासंरक्षणप्रत्येकनागरिककाकत्र्तव्य है।प्रस्तुत एकल अध्ययन में एक समाजसेवीसंस्था द्वाराअपनेमहिलाप्रषिक्षणार्थियोंकोपर्यावरणसंरक्षण के प्रतिजागरूककरसमाजमेंकार्यकरने के लिए प्रेरितकियाजाताहैं।सौरऊर्जाउपकरणोंकानिर्माणकरउनकाघरेलू एवंव्यावसायिकउपयोगकरना , जैविक खेतीकरना, एवंपर्यावरणप्रदूषणकास्वाथ्य परपडनेवालेप्रभावों से परिचितकरवाकरपर्यावरणसंरक्षण के प्रतिसंरक्षणात्मकप्रवृतिकाविकासकरायाजाताहैं।इस अध्ययन मेंउपकरण के रूपमेंबाह्य निरिक्षण, साक्षात्कारअनुसूची, अवलोकनअनुसूचीकाप्रयोगकियागया।प्रदत्तोंकासंकलनविषयवस्तुविश्लेषणविधि द्वारा किया गया एवं बाह्य निरिक्षण द्वारा प्राप्त प्रदत्तों को व्यवस्थित कर गुणात्मक रूप से व्याख्या की गयी, साक्षात्कार की विवेचना की गयी। परिणामों से ज्ञात हुआ कि बरलीसंस्थान षांत, स्वच्छ, प्रदूषणरहितभौगोलिक एवंपर्यावरणीय, स्थितिहै ,हरियाली एवं खुलास्वच्छपर्यावरणीय वातावरणमहिलाप्रषिक्षणार्थीयोंमेंपर्यावरणसंरक्षण के प्रतिसंरक्षणात्मकप्रवृत्तिकाविकासकरप्रषिक्षणाथियोंमेंपर्यावरणसंरक्षणकाप्रायोगिकअनुभवप्रदानकरतीहंै।
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