प्रस्तुत शोध का उद्देश्य वैदिक काल में पर्यावरणीय संरक्षण के प्रति चेतना का अध्ययन करना है। इस हेतु वेद और उपनिषद् आदि के मंत्रों और सूक्तियों का अध्ययन पर्यावरण चेतना के संबंध में किया गया है। वेदों में पर्यावरण संरक्षण, प्रदूषण और निराकरण, और पर्यावरण के प्रति चेतना का वर्णन मिलता है जो इस बात को सत्यापित करता है कि वैदिक काल में भी पर्यावरण के प्रति चेतना थी जिसे आज के संदर्भ में धारण करने में सृष्टि और मानव का कल्याण निहित है।
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